पिता की हों गई थी मौत बच्चों के टूट गए थे सपने मां ने किया संघर्ष, बेटा बना डाटा साइंटिस्ट बेटी बनी अमेरिका चेक पोस्ट ऑफिसर

आज दोनों ही बच्चे अपनी मां का नाम गौरांवित कर रहे हैं। बेटा वैभव मनोज भट्ट डाटा साइंटिस्ट है तो बेटी जागृति भट्ट अमेरिका चेक पोस्ट ऑफिसर

Mar 8, 2025 - 21:14
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पिता की हों गई थी मौत बच्चों के टूट गए थे सपने मां ने किया संघर्ष, बेटा बना डाटा साइंटिस्ट बेटी बनी अमेरिका चेक पोस्ट ऑफिसर

बुरहानपुर। मां तो मां होती है इस बात को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के महाजनापेठ क्षेत्र में रहने वाली विनीता मनोज भट्ट ने सार्थक कर कर दिखाया है. जब 2016 में एक दर्दनाक हादसा हुआ और उनके पति मनोज भट्ट की मौत हो गई पूरे सपने बच्चों के टूट गए लेकिन मां ने उनके हौसलों को नहीं टूटने दिया और लगातार संघर्ष करती रही और बच्चों को पढ़ा लिखा कर इस काबिल बना दिया है कि आज दोनों ही बच्चे अपनी मां का नाम समाज से लेकर तो बुरहानपुर जिले में गौरांवित कर रहे हैं. बेटा वैभव मनोज भट्ट डाटा साइंटिस्ट है तो बेटी जागृति भट्ट अमेरिका चेक पोस्ट ऑफिसर है दोनों ही ऊंचे पदों पर बैठे हुए हैं मां अभी हाल फिलहाल में सरकारी विभाग में आदमी जाति सेवा सहकारी समिति खकनार में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं. विनीता भट्ट का कहना है कि मेने कड़ा संघर्ष किया लेकिन अपने दोनों बच्चों को कामयाबी हासिल करवाई है. मुझे मेरे पिता का बहुत सहयोग मिला है।