भ्रष्टाचार के वाहन,नगर निगम ई कचरा वाहन खरीदी में हुआ भ्रष्टाचार - संदीप जाधव

बुरहानपुर में जो गाड़ी 8 लाख 19 हजार में मिल रही है वही गाड़ी को निगम द्वारा 11 लाख 10 हजार रुपये में खरीदी

Mar 1, 2025 - 21:16
Mar 1, 2025 - 21:17
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भ्रष्टाचार के वाहन,नगर निगम ई कचरा वाहन खरीदी में हुआ भ्रष्टाचार - संदीप जाधव

बुरहानपुर। नगर निगम ई कचरा वाहन खरीदी में भ्रष्टाचार का आरोप शहर के जागरूक नागरिकों द्वारा आरटीआई के माध्यम से उजागर किया गया, नगर निगम बुरहानपुर ने 10 ई कचरा वाहन खरीदी गई किन्तु यह गाड़िया बुरहानपुर से ना खरीदते हुए उत्तर प्रदेश के गुड़गांव से खरीदी गई, इस खरीदी में भ्रष्टाचार किया गया है, क्योंकि बुरहानपुर में जो गाड़ी 8 लाख 19 हजार में मिल रही है वही गाड़ी को निगम द्वारा 11 लाख 10 हजार रुपये में खरीदी की गई वही ट्रांस्पोर्टेशन के 2 लाख का अतिरिक्त खर्च किया गया, सजावट के अलग से खर्च निगम द्वारा किया गया है जिसमे साफ साफ भ्रष्टाचार नजर आ रहा है इस मामले को शिकायतकर्ता EOW और लोकायुक्त में शिकायत की गई है। 

 बुरहानपुर नगर निगम का अजीबो गरीब मामला सामने आया है, निगम ने शहर के साफ सफाई के लिए 10 ई वाहन खरीदी किये है किंतु इसमें अजीब बात यह है कि जो वाहन निगम ने खरीदी किये है वही सेम वाहन बुरहानपुर में 8 लाख 19 हजार में उपलब्ध है किंतु निगम ने बुरहानपुर से ना खरीदते हुए उत्तर प्रदेश के गुड़गांव से वाहनों की खरीदी की है और इस एक वाहन की कीमत 11 लाख 10 हजार रुपये है, वही ट्रांसपोटिंग के 2 लाख रुपये अलग से खर्च कर दिए गए है, इन वाहनों को सजाने के लिए 2 लाख की अलग से और खर्च किये गए है, लगभग इन 10 वाहनों की खरीदी पर नगर निगम के अधिकारियी और महापौर ने लगभग 35 लाख रुपए अधिक खर्च कर दिये है जो की आम जनता के खून पसीने की कमाई से भरा हुआ टैक्स का पैसे को निगम बर्बाद करने पर तुला हुआ है।

                 शिकायतकर्ता नितिन गवले ने बताया कि एक ही ठेकेदार को 14 बार टेंडर दिए गए है जो कि जांच का विषय है, साथ ही टेंडर ई टेंडर पर ना डालते हुए जेम्स पोर्टल पर टेंडर जारी किया गया ताकि यह सार्वजिक ना हो सके और इसमें भ्रष्टाचार आसानी से किया जा सके इस प्रकार के आरोप लगाए गए है, वही जो वाहन खरीदी किये गए है वह राकेश गुप्ता महापौर का रिश्तेदार होने की भी बात शिकायतकर्ता द्वारा बताई जा रही है। 

        वही जब इस संबंध में निगम के प्रभारी कार्यपालन यंत्री प्रेम कुमार साहू से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि जो भी खरीदी की गई है वह नियमानुसार की गई है निगमायुक्त के आदेशों पर ही वाहनों की खरीदी की गई है, जो भी आरोप लगे है वह निराधार है किसी प्रकार से कोई भ्रष्टाचार नही किया गया है।