पाड़ो को लडाकर कर रहे मनोरंजन उठा रहे लुफ्त दे रहे पशु क्रूरता को बढ़ावा
दीपावली के दूसरे दिन पडवे पर आयोजित होता है मेला, मेला समिति द्वारा पाड़ो की टक्कर का किया जाता है आयोजन
बुरहानपुर! जिले के शाहपुर नगर पंचायत में दीपावली के दूसरे दिन पडवे पर आयोजित होता है मेला इस मेले के नाम पर मेला समिति द्वारा पाड़ो की टक्कर का आयोजन किया जाता है इसमें दो पाड़ो को नशीले पदार्थ खिलाकर आपस मे लड़ाया जाता है और लोग इस लड़ाई का लुफ्त उठाते हुए मनोरंजन करते है, जो कि पशु क्रूरता का खुला उल्लंघन है, पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में ही यह पाड़ो की लड़ाई का आयोजन हुआ है, इसके बावजूद इसे रोकने के बजाय सफल आयोजन कैसे हो इसके लिए व्यवस्थाओं में जुटा रहा प्रशासन, जबकि यह एक गंभीर मुद्दा है जिसमें पशुओं के साथ क्रूरता और उनका शोषण शामिल है। "दो पाड़ो को आपस में लड़ाकर मनोरंजन करना एक गंभीर मुद्दा है। यह न केवल पशुओं के साथ क्रूरता है, बल्कि यह हमारे समाज की मानसिकता को भी दर्शाता है। पशुओं को लड़ाने के लिए मजबूर करना और उनके साथ क्रूरता करना एक अपराध है। यह उनके अधिकारों का उल्लंघन है और उनके जीवन को खतरे में डालता है। इस प्रकार की गतिविधियों का विरोध करना चाहिए और पशुओं के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। हमें अपने समाज में पशुओं के प्रति सहानुभूति और करुणा की भावना को बढ़ावा देना चाहिए। इस मुद्दे पर ध्यान देने की आवश्यकता है।