पूर्व सांसद अमृतलाल तारवाला की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे सांसद पाटील
राजनैतिक, समाजिक, धार्मिक क्षेत्र के जन प्रतिनिधि और समाज बंधुओ ने दी श्रद्धांजलि
बुरहानपुर ! ( राकेश चौकसे ) वार्ड पार्षद से लोकसभा की दूरी तय करने वाले अमृतलाल तारवाला का चरित्र सबसे मजबूत गुण रहा था । तारवाला ने स्वयं की पहचान और नैतिकता को बनाए रखकर मजबूत चरित्र निर्माण कर जन जन मे पेठ बनाने मे कामयाबी हासिल करते हुऐ अमृतलाल से मन्नी भैय्या बन - राजननैतिक सफर वॉर्ड पार्षद से सांसद सदस्य बन तय किया था। गौर तलब तथ्य यह है अमृतलाल तारवाला ने आपातकाल के बाद जनसंघ ने कांग्रेस के एकाधिकार खत्म कर सांसद सदस्य बनें थे। राजनीती के सफर मे अनेक बाधाओ को निपटाते हुऐ मन्नी भैय्या आम और खास दोनो वर्गो के नेताओ के साथ कार्यकर्ताओ मे गहरी पैठ बना ली थीं, यही कारण रहा स्वयं को सच्चा रख, किसी को खुश कर भीड़ मे फिट होने के लिए कभी तारवाला ने समझौता नही किया था।
राम मंदिर आंदोलन 1992 मे यूवाओ की फोज को लेकर अयोध्या की और कूच किए थे। 20 दिसंबर 1947 को जन्मे तारवाला ने उपनगर लालबाग मे हिन्दू सेवा समिति द्वारा राम नवमी पर निकलने वाली शोभा यात्रा के संरक्षक भी रहे । खंडवा संसदीय क्षेत्र के बुरहानपुर विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी उमेश मुनि के चुनाव जीतने के एक माह बाद तारवाला जी पर असामाजिक तत्व द्वारा हमला किया गया था। हमलों से बेपरवाह तारवाला का राजनेतिक वजुद कभी हाशिए पर नही गया। संघर्ष और ईमानदारी के बूते जीवन जीने वाले तारवाला 29 मार्च 2008 मे स्वर्ग भ्रमण पर निकल गए थे। आज समाजिक संस्थाओं सहीत गण मान्यजन ने इनके निवास पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।