शाही किले में बिना अनुमति के पुराने पेड़ काटे,अधिकारी बोले हमें अनुमति की जरूरत नहीं
सहायक संरक्षक भारतीय पुरातत्व विभाग बुरहानपुर विपुल मेश्राम ने कराई निर्ममता पूर्वक कटाई
बुरहानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार कहा था, "एक पेड़ मां के नाम लगाएं।" यह आह्वान पर्यावरण संरक्षण और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। सहायक संरक्षक भारतीय पुरातत्व विभाग बुरहानपुर विपुल मेश्राम ने ठेंगा दिखा दिया है।
ताजा मामले में सहायक संरक्षक भारतीय पुरातत्व विभाग बुरहानपुर श्री विपुल मेश्राम ने बिना वृक्ष अधिकारी से अनुमति लिए कई दरखतों की निर्ममता पूर्वक कटवा दिया। इतना ही नहीं साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से उन पर मट्टी डलवा दी। जबकि गार्डन की देख रख का जिम्मा अन्य अधिकारी का हैं उपरांत गार्डन के कार्यों में नियम विरुद्ध दखल देना मेश्राम कि हठधर्मिता का घोतक हैं। जैसे ही उक्त प्रकरण संज्ञान में आया डॉ. आनंद दीक्षित ने वृक्ष अधिकारी को शिकायत की है। अब देखना हैं कि वृक्ष अधिकारी क्या ऐक्शन लेते हैं। क्योंकि मामला सिर्फ दरख़्त काटने का नहीं हैं साथ हो जो क्विंटलो लकड़ी को अफरा तफरा किया गया हैं और प्राप्त राशि का गबन भी हुआ होगा, का हैं।
भारतीय पुरातत्व विभाग के शाही किला गार्डन बुरहानपुर में वृक्षों का चीर हरण एक उदाहरण है। यह घटना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक धरोहर को भी नुकसान पहुंचाती है।
यह सवाल उठता है कि क्या हमारे देश में पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा के लिए कोई नियम नहीं हैं?
इस घटना के पीछे के कारणों का पता लगाना और उन्हें ठीक करना आवश्यक है। हमें अपने पर्यावरण और सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए। हमें अपने नेताओं और अधिकारियों से जवाबदेही की मांग करनी चाहिए।
एक पेड़ मां के नाम लगाने का आह्वान न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए है, बल्कि यह हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा के लिए भी है। हमें इस आह्वान को गंभीरता से लेना चाहिए और अपने देश की सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा के लिए काम करना चाहिए।